राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: ‘राम-नामी’ बनी सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री, छत्तीसगढ़ की संस्कृति को मिला राष्ट्रीय सम्मान

रायपुर, 19 जुलाई। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और रामनामी समाज की अनूठी परंपरा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिला है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गर्व और गौरव का विषय बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति तथा पूरी टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनामी समाज की अनूठी परंपरा श्रद्धा, समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। शरीर पर ‘राम’ नाम अंकित कर आजीवन प्रभु श्रीराम की भक्ति में समर्पित रहने की यह परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री ने इस विरासत को संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं, जनजातीय संस्कृति और विभिन्न लोक समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर प्रदेश की अमूल्य पूंजी हैं। इन परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जोड़ने में भी प्रेरणादायी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘राम-नामी’ को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान छत्तीसगढ़ की विविध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक प्रतिष्ठा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भी प्रदेश की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित ऐसे रचनात्मक प्रयास देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाते रहेंगे।