जमुई नाबालिग छात्रा उत्पीड़न मामला: 7 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल

जमुई, 22 सितंबर 2026। बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा और उसके नाबालिग सहपाठी के साथ कथित बदसलूकी और उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में नंदन के पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

19 सितंबर की बताई जा रही घटना

पुलिस के अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में हुई। दोनों नाबालिग कोचिंग से लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोककर कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और छात्रा के साथ छेड़छाड़ की।

घटना का वीडियो बनाए जाने और बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की। अधिकारियों के अनुसार घटना में करीब 7 लोगों की पहचान हुई है और बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पहले तीन गिरफ्तार, फिर मुख्य आरोपी पर कार्रवाई

मामले में शुरुआती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुख्य आरोपी नंदन यादव और एक अन्य आरोपी हरेराम यादव के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। मंगलवार की पुलिस कार्रवाई में नंदन के पैर में गोली लगने और हरेराम के पैर में चोट लगने की जानकारी सामने आई।

गिरफ्तारियों की कुल संख्या को लेकर अलग-अलग समय पर प्रकाशित रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की दोपहर 2:01 बजे की अपडेट में कुल पांच गिरफ्तारियां बताई गई हैं, जबकि बाद की कुछ स्थानीय रिपोर्टों में छह गिरफ्तारियों का उल्लेख है। इसलिए पुलिस की अंतिम आधिकारिक संख्या को प्राथमिकता देना उचित होगा।

SIT कर रही मामले की जांच

पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT की निगरानी जमुई SDPO स्तर पर की जा रही है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच किए जाने की जानकारी अधिकारियों ने दी है।

पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों पर भी कार्रवाई

मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर भी सख्त कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा करना कानूनन अपराध है। करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ साइबर थाने में मामला दर्ज किए जाने की रिपोर्ट है। पुलिस ने लोगों से वीडियो को आगे शेयर या प्रसारित नहीं करने की अपील की है।

POCSO समेत संबंधित धाराओं में मामला

पुलिस के अनुसार मामले में POCSO Act और भारतीय कानून की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में जो भी व्यक्ति घटना में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान

मामले को लेकर महिला सुरक्षा से जुड़े संस्थानों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रीय महिला आयोग और बिहार महिला आयोग ने मामले पर रिपोर्ट मांगी है।

महत्वपूर्ण: नाबालिग पीड़िता की पहचान, फोटो, वीडियो या पहचान बताने वाली कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए। पुलिस ने भी ऐसी सामग्री को साझा न करने की अपील की है।