चक्रवात अलर्ट: ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में NDRF अलर्ट, 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका

रायपुर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती तूफान को लेकर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है।

तीन राज्यों में NDRF की टीमें तैनात

ओडिशा के कटक स्थित मुंडली में NDRF की तीसरी बटालियन के सेकंड-इन-कमांड संतोष कुमार पासवान ने चक्रवात को लेकर बल की तैयारियों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए ओडिशा में पांच NDRF टीमें तैनात की गई हैं। विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश के लिए चार टीमें जुटाई गई हैं, जबकि छत्तीसगढ़ के लिए भी चार टीमें तैनात की गई हैं।

पासवान के मुताबिक, NDRF की टीमें आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ तैयार हैं। आपात स्थिति में कम से कम समय में टीमों को सक्रिय करना बल की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि टीम को जुटाने का न्यूनतम समय लगभग 20 मिनट है। बल किसी भी संभावित आपदा या खतरे से निपटने के लिए तैयार है।

छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना भी जताई गई है।

पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम का असर बस्तर संभाग सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और प्रभाव जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

बस्तर से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर तक सतर्कता जरूरी

संभावित खराब मौसम को देखते हुए बस्तर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर क्षेत्रों के लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों को पार करने की कोशिश न करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

चक्रवात की दिशा और तीव्रता के अनुसार मौसम की स्थिति में बदलाव हो सकता है। ऐसे में अगले मौसम बुलेटिन और प्रशासनिक अपडेट पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।