दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने वाहन जांच के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा में एक बोलेरो मैक्स पिकअप की तलाशी लेने पर उसके पिछले हिस्से में बनाए गए गुप्त चेंबर से करीब 4 करोड़ रुपये मिले। पुलिस ने नकदी जब्त करने के साथ वाहन में सवार दो लोगों को हिरासत में लिया है। मामले में रकम के स्रोत और परिवहन के उद्देश्य की जांच जारी है।
डबरापारा में वाहन जांच के दौरान मिली नकदी
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि रायपुर से नागपुर की ओर जा रहे एक पिकअप वाहन में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाई जा रही है। इसके बाद पुलिस ने खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा में वाहनों की जांच शुरू की।
रात करीब 11 बजे संदिग्ध सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप को रोककर तलाशी ली गई। वाहन का पिछला हिस्सा सामान्य से अलग तरीके से तैयार किया गया था। बारीकी से जांच करने पर उसमें विशेष रूप से बनाया गया गुप्त चेंबर मिला।
मॉडिफाइड हिस्से में छिपाए गए थे नोटों के बंडल
पुलिस ने गुप्त चेंबर खोलकर तलाशी ली तो उसके अंदर भारतीय मुद्रा के बंडल मिले। नकदी की गिनती के बाद कुल राशि करीब 4 करोड़ रुपये बताई गई। वाहन के पिछले हिस्से में किए गए बदलाव के कारण जांच टीम ने इस मामले को गंभीरता से लिया।
दो लोगों से पूछताछ, पहचान सामने आई
प्रकाशित जानकारी के अनुसार, पिकअप चालक की पहचान भवेशभाई जीनाभाई डाभी और दूसरे व्यक्ति की पहचान विष्णुदेव दुबे के रूप में बताई गई है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी किसकी है, इसे कहां से लाया गया था और नागपुर में किसे सौंपा जाना था। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
आयकर विभाग को सूचना, हवाला एंगल की भी पड़ताल
इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद नकदी के वित्तीय स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने मामले की जानकारी आयकर विभाग को देने की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि रकम के स्रोत और स्वामित्व की जांच की जा सके।
नकदी को गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जाने के कारण हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, फिलहाल इसे जांच का एक संभावित पहलू ही माना जाना चाहिए। रकम के हवाला लेनदेन से जुड़े होने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी
फिलहाल पुलिस नकदी के स्रोत, उसके वास्तविक मालिक और परिवहन के उद्देश्य का पता लगाने में जुटी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
