छत्तीसगढ़ में भाजपा की चुनावी तैयारियां तेज, प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू पहुंचे रायपुर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू रविवार, 25 अक्टूबर को राजधानी रायपुर पहुंचे। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद स्मृति ईरानी का यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत वरिष्ठ नेताओं ने किया स्वागत

रायपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने स्मृति ईरानी का स्वागत किया। उनके साथ प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी मौजूद रहे। इसके बाद संगठनात्मक बैठकों और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा का सिलसिला शुरू हुआ।

दो दिनों में होंगी कई अहम बैठकें

स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें करेंगे। इन बैठकों में संगठन की मौजूदा स्थिति, सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन, जनप्रतिनिधियों के कामकाज और जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता की समीक्षा की जाएगी।

2023 में हारी 36 सीटों पर रहेगा फोकस

आगामी चुनावों की रणनीति के लिहाज से वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जिन 36 सीटों पर हार गई थी, उनकी समीक्षा भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी इन क्षेत्रों में संगठन की स्थिति, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और पिछले चुनाव के परिणामों से जुड़े पहलुओं पर चर्चा कर सकती है। इसका उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है।

कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने का संदेश

रायपुर पहुंचने के बाद स्मृति ईरानी ने कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और अपने-अपने बूथ पर सक्रिय रहकर काम करने का संदेश दिया। पार्टी की बैठकों में संगठन की कार्यप्रणाली, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार और नेताओं के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर भी चर्चा निर्धारित है।

मिशन 2028-29 की तैयारी

भाजपा का यह दौरा आगामी विधानसभा चुनाव 2028 और लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। दो दिवसीय प्रवास के दौरान मिलने वाले फीडबैक के आधार पर पार्टी संगठन की प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजना पर विचार करेगी। अब इन बैठकों में होने वाली चर्चाओं और लिए जाने वाले निर्णयों पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।