कमीशन का लालच देकर अपनाया ठगी का तरीका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी च्वाइस सेंटरों पर पहुंचकर संचालकों से कहते थे कि वे उनके बैंक खाते में ऑनलाइन रकम मंगवाएंगे और बदले में उनसे नकद राशि ले लेंगे। इसके बदले संचालकों को कमीशन देने का लालच दिया जाता था।
संचालक के तैयार होने पर आरोपी सेंटर के QR कोड की तस्वीर लेकर उसे दूसरे व्यक्ति को भेज देते थे। इसके बाद खाते में ऑनलाइन रकम जमा कराई जाती और संचालक से उतनी ही राशि नकद ले ली जाती थी। बाद में जब खाते में आई रकम साइबर ठगी से जुड़ी होने की जानकारी सामने आई, तो संबंधित बैंक खातों पर रोक लगा दी गई। इससे कई संचालक परेशानी में पड़ गए।
दो आरोपी गिरफ्तार, वाहन और नकदी जब्त
रेंज साइबर पुलिस ने मामले में रायपुर निवासी अंकित आहूजा (32) और आशीष केवटवानी (32) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 1 लाख 2 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई एक बलेनो कार, एक स्कूटी और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
शिकायत के बाद सामने आया मामला
मामले का खुलासा बिलासपुर जिले के बिल्हा मोड़ स्थित लक्ष्मी च्वाइस सेंटर के संचालक देवेंद्र रजक की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत के अनुसार, 5 अक्टूबर को एक व्यक्ति सेंटर पहुंचा और QR कोड के माध्यम से खाते में रकम मंगवाने के बदले नकद राशि लेने का प्रस्ताव दिया। इसी घटनाक्रम की जांच के दौरान पुलिस को अन्य च्वाइस सेंटर संचालकों के साथ हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली।
संचालकों के लिए सतर्क रहने की जरूरत
यह मामला दिखाता है कि कमीशन के लालच में अनजान व्यक्तियों के लिए अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करवाना कितना जोखिम भरा हो सकता है। खाते में आई रकम यदि साइबर अपराध से जुड़ी पाई जाती है, तो खाताधारक को भी बैंकिंग और पुलिस जांच का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। ठगी की कुल रकम और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जांच के बाद और जानकारी सामने आ सकती है।
