भिलाई/दुर्ग, 1 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से मंगलवार सुबह एक बार फिर हलचल तेज हो गई। ED की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक (PA) केके चंद्रवंशी के पुरानी भिलाई स्थित आवास पर दबिश दी। टीम सुबह करीब 6 बजे दो गाड़ियों में पहुंची और घर के अंदर दस्तावेजों एवं अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
घर के अंदर दस्तावेजों की जांच
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ED की टीम में करीब 5 से 8 अधिकारी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए जवानों को भी मौके पर तैनात किया गया। टीम ने आवास के अंदर मौजूद दस्तावेजों और अन्य जरूरी सामग्री की पड़ताल शुरू की।
फिलहाल जांच के दौरान क्या-क्या सामने आया है या टीम ने कोई दस्तावेज जब्त किए हैं या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
किस मामले से जुड़ी है कार्रवाई?
ED की इस कार्रवाई को लेकर सबसे अहम सवाल यही है कि चंद्रवंशी के आवास पर तलाशी किस मामले के सिलसिले में की जा रही है।
कुछ स्थानीय रिपोर्टों और मीडिया रिपोर्टों में इसे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े कथित भर्ती अनियमितता/मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच से जोड़ा गया है। रिपोर्टों के मुताबिक एजेंसी ने प्रदेश में कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की है। हालांकि, ED की ओर से कार्रवाई के कारण को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है, इसलिए जांच को किसी एक मामले से जोड़कर अंतिम निष्कर्ष निकालना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
कौन हैं केके चंद्रवंशी?
केके चंद्रवंशी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान उनके निजी सहायक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनके आवास पर ED की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल ED की टीम चंद्रवंशी के आवास पर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटी है। कार्रवाई के दौरान क्या साक्ष्य मिले, क्या सामग्री जब्त की गई और जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इसकी जानकारी एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में ED की आधिकारिक जानकारी या आगे की कार्रवाई सामने आने पर अपडेट किया जाएगा।
