मैनपाट में उफनती घुनघुट्टा नदी का कहर: बाइक समेत बह गए युवक-युवती, ग्रामीण ने रस्सी के सहारे बचाई युवती; 15 घंटे बाद युवक का शव बरामद

मैनपाट/अंबिकापुर, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में तेज बारिश के बीच शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया। घुनघुट्टा नदी की तेज धार में बाइक समेत युवक और युवती बह गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से युवती को बचा लिया गया, जबकि युवक तेज बहाव में बह गया। करीब 15 घंटे की तलाश के बाद रविवार सुबह उसका शव नदी से बरामद किया गया।

🌧️ पुलिया पार करते समय हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, केरल निवासी युवक-युवती 29 अगस्त को रायपुर से मैनपाट घूमने पहुंचे थे। दोनों किराये की बाइक से मैनपाट घूम रहे थे। शाम करीब 5 बजे वे रोपाखार क्षेत्र में घुनघुट्टा नदी की पुलिया पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों नदी में जा गिरे।

दोनों ने मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।

🛟 करीब एक किलोमीटर तक बह गई युवती, ग्रामीण ने बचाया

नदी का बहाव इतना तेज था कि युवती भी पानी में काफी दूर तक बह गई। इसी दौरान एक स्थानीय युवक रस्सी लेकर करीब एक किलोमीटर तक दौड़ा और सही समय पर रस्सी की मदद से युवती को नदी से बाहर निकालने में सफल रहा।

स्थानीय युवक की तत्परता और साहस के कारण युवती की जान बच सकी। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के बाद प्राथमिक सहायता दी गई।

😔 युवक तेज बहाव में बहा, रातभर चला सर्च ऑपरेशन

दूसरी ओर युवक पानी की तेज धार में बहकर आंखों से ओझल हो गया। अंधेरा होने के कारण रात में तलाश अभियान में मुश्किलें आईं। पुलिस और SDRF की टीम ने युवक की तलाश शुरू की और नदी के आसपास के हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया।

रविवार सुबह तलाश के दौरान युवक का शव घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर नदी में मिला। इसके बाद शव को बाहर निकालकर आगे की कार्रवाई की गई।

⚠️ बारिश के बीच नदी-नालों से दूर रहने की अपील

मैनपाट हादसे ने एक बार फिर बारिश के दौरान उफनती नदियों और पुल-पुलियों को पार करने के खतरे को सामने ला दिया है। तेज बारिश में नदी और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और पानी का बहाव बेहद खतरनाक हो सकता है।

प्रशासन और स्थानीय लोगों ने पर्यटकों से अपील की है कि बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नदी-नालों और पुलियाओं के पास जाने या उन्हें पार करने का जोखिम न लें। खासकर पर्यटन स्थलों पर मौसम खराब होने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।