महानदी जल विवाद पर दिल्ली में अहम बैठक, मुख्यमंत्री साय होंगे शामिल

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर गुरुवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल होंगे।

दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दोनों राज्यों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए विवाद के समाधान के लिए संवाद और समन्वय के जरिए प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, दोनों राज्यों ने केंद्रीय जल आयोग के समक्ष यह रुख रखा है कि आयोग द्वारा लिया जाने वाला निर्णय दोनों राज्य सरकारों को स्वीकार्य होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपसी सहयोग और संवाद के माध्यम से इस लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले भी केंद्र स्तर पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक हो चुकी है।

SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाएं

मुख्यमंत्री साय के आगामी सिंगापुर दौरे के दौरान SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, औद्योगिक क्षमताओं और निवेश संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सिंगापुर के निवेशकों, उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राज्य में निवेश और कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। सरकार की नई औद्योगिक नीति, अधोसंरचना, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन को निवेश के संभावित क्षेत्रों के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

बस्तर की प्रतिभाओं को मंच देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने बस्तर के युवाओं की प्रतिभा को अवसर और उचित मंच उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, खेल, कौशल, नवाचार और रोजगार के क्षेत्रों में अवसर बढ़ाकर स्थानीय युवाओं को आगे बढ़ने के लिए सहयोग दिया जाएगा।

17 जिलों में बारिश से प्रभावित लोगों को राहत

प्रदेश में पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से 17 जिलों के 550 से अधिक गांव और 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित होने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी है। उन्होंने संबंधित कलेक्टरों को बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का जल्द सर्वे कराने तथा RBC 6-4 के तहत पात्र प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा बाढ़ और अतिवृष्टि से मकान क्षतिग्रस्त होने वाले पात्र परिवारों को शासन की निर्धारित सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10 हजार की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की गई है। प्रभावित परिवारों के मकान, फसल और पशुधन सहित अन्य नुकसान का आकलन कर समयबद्ध तरीके से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।