धरती आबा अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के 160 जनजातीय गांवों का होगा चयन, प्रत्येक ग्रामसभा को मिलेंगे 15 लाख रुपये

रायपुर, 03 अगस्त 2026।
छत्तीसगढ़ सरकार ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के 160 जनजातीय गांवों का चयन करने का निर्णय लिया है। चयनित प्रत्येक ग्रामसभा को सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना (CFRMP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 15 लाख रुपये की स्वीकृति दी जाएगी।

आदिम जाति विभाग ने इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर क्लस्टर आधारित और आपस में जुड़े क्षेत्रों के आधार पर गांवों का चयन करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक चयनित ग्रामसभा में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा, जो योजना के संचालन और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाएगी। इसके लिए ग्रामसभा के नाम पर राष्ट्रीयकृत बैंक में अलग करंट खाता भी खोला जाएगा।

योजना के तहत ग्रामसभाओं को सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने में तकनीकी सहयोगी संस्थाओं और सिविल सोसायटी संगठनों की मदद भी मिल सकेगी। सरकार का उद्देश्य वन अधिकार अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामसभाओं को सशक्त बनाने तथा वन संसाधनों के संरक्षण और जनजातीय आजीविका को बढ़ावा देना है।