रायपुर, 18 जुलाई 2026 छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में अतिवृष्टि से उपजे हालात की गंभीरता से समीक्षा की और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने की बात कही है.
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा है कि आपदा की इस घड़ी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिला प्रशासन पूरी तत्परता के साथ मैदान पर उतरे और हर एक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुँचाना सुनिश्चित करे.
प्रशासन को मिले ये मुख्य निर्देश:
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तत्काल बुनियादी सुविधाएँ: प्रभावित परिवारों तक भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयाँ और अन्य राहत सामग्रियां बिना किसी देरी के पहुँचाई जाएं.
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जल निकासी और मार्ग बहाली: जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने की त्वरित व्यवस्था हो और क्षतिग्रस्त हो चुके रास्तों को जल्द से जल्द ठीक कर जनजीवन सामान्य बनाया जाए.
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24×7 मॉनिटरिंग: राज्य सरकार स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखे हुए है. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि जिलों की मांग के अनुसार अतिरिक्त संसाधन और वित्तीय सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी.
“प्रदेशवासियों की सुरक्षा और हर प्रभावित परिवार तक समय पर मदद पहुँचाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. शासन-प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता के साथ खड़ा है.” > — श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
फिलहाल, सभी प्रभावित जिलों के कलेक्टर और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमें मुस्तैद हैं और जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है.
