दिल्ली: ACP विवेक भगत की शिकायत पर पत्रकार रोजी समेत छह लोगों के खिलाफ FIR, जातिगत अपमान और मानहानि के आरोप

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026। दिल्ली में 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए प्रदर्शन से जुड़ा विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र पत्रकार रोजी, पत्रकार गजेंद्र सिंह और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े अभिजीत दीपके, आशुतोष रंका, सौरव दास तथा रत्ना सिंह के खिलाफ शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। मामला जातिगत अपमान, सरकारी काम में बाधा डालने और सोशल मीडिया पर कथित मानहानि से संबंधित है।

प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान ACP विवेक भगत कानून-व्यवस्था की ड्यूटी पर तैनात थे। अपनी शिकायत में भगत ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र पत्रकार रोजी ने सार्वजनिक रूप से उनकी जातिगत पहचान को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की और उनके ACP पद पर नियुक्त होने पर सवाल उठाए।

शिकायत के मुताबिक, बाद में प्रदर्शनकारियों को संभालने के दौरान पत्रकार ने ACP पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। भगत का दावा है कि इस घटनाक्रम के दौरान उनके आधिकारिक काम में बाधा पहुंची और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। ये आरोप फिलहाल शिकायत का हिस्सा हैं, जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी शिकायत

ACP भगत ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि घटना के बाद उनके खिलाफ प्रदर्शन किया गया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X तथा इंस्टाग्राम पर पोस्ट और वीडियो साझा किए गए। शिकायत में पत्रकार रोजी, गजेंद्र सिंह और CJP से जुड़े कुछ लोगों का नाम लेते हुए दावा किया गया कि इन पोस्ट के कारण उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

इसी शिकायत के आधार पर 13 अक्टूबर को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज की गई। मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 356(2) और 3(5) सहित संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं।

ACP पर लगे आरोपों की जांच भी जारी

इस मामले का दूसरा पक्ष भी महत्वपूर्ण है। इससे पहले महिला पत्रकार ने 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान ACP विवेक भगत पर कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। इस शिकायत की जांच भी की जा रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में आरोप लगाने वाली तीन महिला पत्रकारों के खिलाफ अलग-अलग आरोपों के संबंध में कार्रवाई हुई है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल, ACP की शिकायत और महिला पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। किसी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज होना उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।