रायपुर, 28 जुलाई 2026। भारत सरकार की “पीएम राहत” योजना के तहत सुकमा जिले में पहली बार सड़क दुर्घटना के एक घायल का सफलतापूर्वक कैशलेस इलाज किया गया. जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बेहतर समन्वय से 30 वर्षीय कलमू देवा को समय पर उपचार मिला, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी.
21 जुलाई को गादीरास थाना क्षेत्र के ग्राम पेरमा (गुफड़ी) निवासी कलमू देवा रामपुरम के पास सड़क पर वाहन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें तत्काल 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जरिए जिला चिकित्सालय सुकमा पहुंचाया गया, जहां बिना किसी आर्थिक या कागजी बाधा के इलाज शुरू कर दिया गया.
अस्पताल में e-DAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) पोर्टल के माध्यम से मामले का पंजीकरण किया गया. गादीरास थाना पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई के बाद डिजिटल स्वीकृति मिलते ही मरीज का इलाज पूरी तरह कैशलेस शुरू हो गया.
योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को हादसे की तारीख से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है. जीवन-घातक मामलों में 48 घंटे और अन्य मामलों में 24 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार की सुविधा भी दी जाती है.
जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक खुमेंद्र दास ने बताया कि सुकमा जिले में यह योजना का पहला स्वीकृत मामला है. उन्होंने कहा कि इस पहल से दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार मिलने के साथ-साथ उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा.
