नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर INDIA गठबंधन ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। बुधवार को नई दिल्ली में हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘Save Democracy’ मार्च आयोजित करने की घोषणा की गई। इसके साथ ही विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे।
विपक्षी दलों ने SIR के दौरान मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में नामों को हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में मतदाता सूची की पारदर्शिता बढ़ाना, पुनरीक्षण से पहले की सूचियां उपलब्ध कराना और मतदाताओं के लिए प्रभावी अपील व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। विपक्षी दलों ने EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान की मांग भी उठाई है।
6 अक्टूबर को EC मुख्यालय तक मार्च
INDIA गठबंधन ने तय किया है कि विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को एकजुट होकर चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात की तैयारी
विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगेंगे। गठबंधन की ओर से चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं और संवैधानिक मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की योजना है।
1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली
INDIA गठबंधन ने आंदोलन को नवंबर तक जारी रखने का फैसला किया है। 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा की गई है। गठबंधन की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में भी बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों पर राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं। भाजपा ने विपक्ष के आरोपों का विरोध किया है और चुनाव आयोग के पक्ष में अपना समर्थन जताया है।
