Crude Oil फिर $100 के करीब, भारत की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी जारी है। बुधवार को Brent crude करीब $99.5 प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह उछाल लगातार चौथे कारोबारी सत्र में दर्ज किया गया है।

भारत पर क्यों बढ़ सकता है दबाव?

भारत दुनिया के बड़े crude oil importers में शामिल है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश का import bill और trade deficit बढ़ने, रुपये पर दबाव आने तथा महंगाई बढ़ने का जोखिम रहता है। महंगा crude आर्थिक विकास की रफ्तार के लिए भी चुनौती बन सकता है।

 रुपये पर भी असर

तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय रुपया भी दबाव में है। Reuters के मुताबिक बुधवार को रुपया $1 के मुकाबले करीब ₹94.84–₹94.86 पर कमजोर शुरुआत की ओर था। बाजार में यह आशंका भी है कि लगातार oil pressure रहने पर रुपया ₹95 प्रति डॉलर के स्तर तक जा सकता है।

 पश्चिम एशिया का तनाव बना मुख्य कारण

ईरान, अमेरिका और क्षेत्र में सक्रिय अन्य पक्षों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने तेल की supply को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण shipping route को लेकर अनिश्चितता ने crude prices में risk premium बढ़ाया है।

 $100 के पार गया तो बढ़ सकती है परेशानी

अगर Brent crude $100 प्रति बैरल के पार जाकर लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है, तो भारत के लिए imported energy की लागत बढ़ सकती है। इसका असर रुपये, महंगाई और शेयर बाजार—तीनों पर देखने को मिल सकता है।