मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में FRA-PESA टास्क फोर्स की पहली बैठक, वन अधिकार और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

रायपुर, 05 अगस्त 2026.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा कानून (PESA) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की शीर्ष समिति की पहली बैठक आयोजित हुई. बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में दोनों कानूनों के बेहतर समन्वय, ग्राम स्वशासन को मजबूत करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा और वन अधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया जाए, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाई जाए तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बड़ी आदिवासी आबादी को ध्यान में रखते हुए राज्य में पेसा कानून का आदर्श मॉडल विकसित किया जाएगा.

बैठक में वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत प्राप्त, निराकृत और लंबित व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दावों, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) की प्रगति तथा वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई. साथ ही छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम, 2022 के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी चर्चा हुई.

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के नियमों और प्रक्रियाओं के समन्वय के लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति गठित करने के निर्देश दिए. यह समिति समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसके क्रियान्वयन की निगरानी करेगी. इसके अलावा, जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियों को सक्रिय करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि जिला स्तर पर कानूनों का प्रभावी पालन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके.

बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक नीलकंठ नेताम, मुख्य सचिव विकासशील सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे.