शराब घोटाले में गिरफ्तार आरोपियों के वकील फैसल रिज़वी ने कहा कि ED द्वारा कोर्ट में कहा गया है कि जो मोबाइल और लैपटॉप ज़ब्त किए गए हैं, उसकी छानबीन के लिए समय चाहिए. ED ने अभी तक कोर्ट में कोई सबूत पेश नहीं किया है.

रायपुर: 

छत्तीसगढ़ में दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले में गिरफ्तार आरोपियों की रिमांड को चार दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है. इस घोटाले में शामिल सभी आरोपी फिलहाल ED की गिरफ्त में हैं. ED ने शराब घोटाले को लेकर शराब कारोबारी अनवर ढेबर, त्रिलोक ढिल्लन, नितेश पुरोहित और आबकारी स्पेशल सचिव अरुण्पति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था. ED ने कोर्ट में रिमांड मांगने के लिए दलील दी कि अभी आरोपियों से साक्ष्य इकठ्ठा किया जाना है. लिहाजा, हमे आरोपियों की आगे भी रिमांड चाहिए. कोर्ट ने ED की इस मांग को मानते हुए आरोपियों की रिमांड को चार दिनों के लिए बढ़ा दिया है.

“ED ने कोर्ट में सबूत नहीं दिए”

शराब घोटाले में गिरफ्तार आरोपियों के वकील ने कहा कि ED द्वारा कोर्ट में कहा गया है कि जो मोबाइल और लैपटॉप ज़ब्त किए गए हैं, उसकी छानबीन के लिए समय चाहिए. अभी जांच जारी. इसलिए रिमांड बढ़ाई जाने की मांग की. साथ ही फैसल रिज़वी ने कहा कि ED ने अभी तक कोर्ट में कोई सबूत पेश नहीं किया है.

“छत्तीसगढ़ में ED की कार्रवाई में आएगी तेजी”

छत्तीसगढ़ में ED की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कर्नाटक में भाजपा की करारी हार हुई है. भाजपा के शीर्ष नेता इस सदमें से उबर नहीं पाए हैं. ED के अधिकारी क्या करें क्या न करें की स्थिति में हैं. जैसे ही कर्नाटक से उबरेंगे छत्तीसगढ़ में ताबड़तौर कार्रवाई करेंगे.

CSMCL के एमडी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में 2000 करोड़ के शराब घोटाले के मुख्य किरदार CSMCL के एमडी अरुणपति त्रिपाठी को ED ने मुंबई से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसेर रायपुर कोर्ट (Raipur Court) में पेश किया गया. जहां से ED ने कोर्ट से 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने अरुणपति त्रिपाठी को 3 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया. खबर है कि शराब घोटाले (Liquor Scam) में जब से ED ने कार्रवाई की है तब से अरुणपति त्रिपाठी अंडरग्राउंड हो गए थे और विदेश भागने की फ़िराक मे थे अरुणपति ED की रायपुर टीम ने उसकी तलाश में आबकारी विभाग में दो बार दबिश दी थी और एक बार तो आबकारी कार्यालय की तिजोरी भी तोड़कर जांच कर चुकी है. त्रिपाठी को मुंबई से गिरफ्तार कर ED 14 तारीख की सुबह फ्लाइट से रायपुर लेकर पहुंची थी और पूछताछ के बाद दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया.

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला ?

6 मई को शराब घोटाले में कारोबारी अनवर ढेबर की गिरफ़्तारी करने के बाद ED ने कोर्ट में रिमांड पेपर में दावा किया था की छत्तीसगढ़ की 800 सरकारी दुकानों में 30 से 40 प्रतिशत अवैध देसी शराब बेची गई. सरकार के करीबी नेता, अधिकारीयों और व्यापारियों ने अवैध सिंडिकेट के जरिये दो हजार करोड़ का घोटाला किया है. घोटाले के किनपिन आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर मुख्य कलेक्शन एजेंट की भूमिका में थे.

 

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