सुकमा/रायपुर, 3 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। कोंटा के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) चंद्र कुमार यारदा को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई एक शिक्षिका की लंबित एरियर्स राशि के भुगतान से जुड़े मामले में की गई।
16 लाख रुपये के एरियर्स के बदले 80 हजार मांगने का आरोप
मामला मिसमा निवासी कवासी मंगल राम की शिकायत से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक उनकी पत्नी कवासी सुशीला कन्या आश्रम डूब्बाटोटा में अधीक्षिका के पद पर पदस्थ हैं। वेतनमान निर्धारण के बाद उन्हें करीब 16 लाख रुपये की बकाया एरियर्स राशि का भुगतान होना था।
शिकायत के अनुसार, एरियर्स राशि के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में कोंटा BEO चंद्र कुमार यारदा पर कुल राशि का 5 प्रतिशत यानी करीब 80 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।
पहली किस्त के 10 हजार लेते ही ACB ने दबोचा
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन किया। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ था।
बुधवार को तय कार्रवाई के दौरान जैसे ही BEO ने 10 हजार रुपये स्वीकार किए, ACB की टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
ACB की कार्रवाई के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की आगे जांच की जा रही है।
ACB यह भी जांच कर रही है कि कथित रिश्वत की मांग और एरियर्स भुगतान से जुड़े मामले में कहीं अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं है।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
कोंटा स्थित BEO कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ गई है। एरियर्स भुगतान जैसे सरकारी काम के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगने और फिर ACB द्वारा अधिकारी को ट्रैप किए जाने से विभागीय व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल मामले में कानूनी प्रक्रिया और जांच जारी है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
