रायपुर, 03 अगस्त 2026।
छत्तीसगढ़ सरकार ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनालॉग पनीर और अन्य डेयरी एनालॉग उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने अधिसूचना जारी की है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार जांच और प्रयोगशाला विश्लेषण में पाया गया कि कुछ उत्पाद वास्तविक दूध से तैयार नहीं होने के बावजूद उन्हें पनीर, क्रीम, मक्खन और अन्य दुग्ध उत्पादों के रूप में बेचा जा रहा था। ऐसे उत्पादों से उपभोक्ताओं के भ्रमित होने और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी।
प्रतिबंध उन सभी उत्पादों पर लागू होगा, जिनमें दूध की जगह वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया गया है और जिन्हें वास्तविक डेयरी उत्पादों की तरह प्रस्तुत किया जाता है। हालांकि, फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों के अनुरूप सही लेबलिंग वाले उत्पाद इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।
यह प्रतिबंध राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से एक वर्ष अथवा FSSAI द्वारा अंतिम नियम जारी होने तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और निगरानी की जाएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण या बिक्री करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
