इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान और महान ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रहे ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है।
ऐसा रहा बेन स्टोक्स का ऐतिहासिक सफर
न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में जन्मे और कंब्रिया में पले-बढ़े बेन स्टोक्स का इंटरनेशनल सफर साल 2011 में वाइट बॉले क्रिकेट से शुरू हुआ था। इसके बाद दिसंबर 2013 में एडिलेड एशेज टेस्ट के दौरान उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया था। स्टोक्स ने अपने करियर में कई ऐसे मुकाबले जिताए जो नामुमकिन नजर आ रहे थे। साल 2019 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी नाबाद 84 रनों की पारी ने मैच को सुपर ओवर में पहुंचाया, जहां इंग्लैंड चैंपियन बना। इसके ठीक कुछ हफ्तों बाद, हेडिंग्ले एशेज टेस्ट में उनकी नाबाद 135 रनों की ऐतिहासिक पारी ने इंग्लैंड को लगभग हारी हुई बाजी जिताई थी। इसके अलावा 2022 टी20 वर्ल्ड कप जीत और 2016 में केपटाउन में खेली गई उनकी 258 रनों की पारी उनके करियर के सबसे बड़े आकेर्षण रहे।
ईसीबी अध्यक्ष ने कही ये बात
बेन स्टोक्स के इस अचानक फैसले पर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने उन्हें विदाई देते हुए कहा, ‘बेन स्टोक्स इंग्लैंड के अब तक के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक और अपनी पीढ़ी के सबसे बड़े नायक के रूप में अंतरराष्ट्रीय खेल को अलविदा कह रहे हैं। दबाव में उनका प्रदर्शन और मैदान पर कभी न हार मानने वाला जज्बा करोड़ों फैंस के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा। उन्होंने युवाओं को सकारात्मकता और विश्वास के साथ क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया है। आज हम एक शानदार बल्लेबाज, एक बेहतरीन गेंदबाज, एक निडर कप्तान और एक करिश्माई खिलाड़ी खो रहे हैं।’
आंकड़ों से परे था स्टोक्स का कद
ईसीबी के CEO रिचर्ड गूल्ड ने भी स्टोक्स के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इंग्लिश क्रिकेट में स्टोक्स का योगदान अमूल्य है। गूल्ड ने कहा, ‘स्टोक्स ने न केवल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में से एक के रूप में अपनी काबिलियत साबित की, बल्कि अपने पूरे करियर में जो प्रतिबद्धता, जुझारूपन और जुनून दिखाया, वह बेमिसाल है। उनका प्रभाव आंकड़ों से कहीं आगे है, उन्होंने दुनिया भर के क्रिकेटरों को प्रेरित किया है। हम उनके इस बेदाग और बेमिसाल सेवा के लिए उनके आभारी हैं।’ कई बार गंभीर चोटों से जूझने के बावजूद स्टोक्स ने जिस तरह बार-बार वापसी कर देश को जीत दिलाई, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुकी है।