तिरंगा आजीविका ग्राम संगठन को मिला 60 हजार रुपये का एमसीपी चेक

आजीविका गतिविधियों से आत्मनिर्भर बनेंगी ग्रामीण महिलाएं

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहा है। राज्य शासन की बिहान योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्व-रोजगार और आजीविका गतिविधियों के लिए निरंतर प्रोत्साहन एवं आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

इसी क्रम में सरगुजा जिले के उड़ूमकेला स्थित तिरंगा आजीविका ग्राम संगठन से जुड़ी महिलाओं को माइक्रो क्रेडिट प्लान (एमसीपी) के अंतर्गत 60 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। सहायता राशि मिलने से समूह की महिलाओं में उत्साह का माहौल है।

आजीविका के नए अवसरों की ओर बढ़ रहीं महिलाएं

सौम्या स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती चंद्रकांता ने बताया कि प्राप्त राशि को समूह की महिलाओं के बीच आवश्यकतानुसार वितरित किया जाएगा। इस राशि का उपयोग कृषि कार्य, उन्नत पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी आजीविका गतिविधियों में किया जाएगा।उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगी, बल्कि गांव में आत्मनिर्भरता और रोजगार के नए अवसर भी विकसित करेंगी।

श्रीमती चंद्रकांता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना और सुशासन तिहार के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। बिहान योजना से जुड़ी महिलाएं कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य स्व-रोजगार गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

तिरंगा आजीविका ग्राम संगठन जैसी पहलें ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बन रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *