सड़क, भिक्षावृत्ति और बाल श्रम से बच्चों को निकालकर शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जोड़ रही सरकार

जून माह में राज्यभर में चल रहा विशेष सघन अभियान, पुनर्वास की प्रक्रिया वर्षभर रहेगी जारी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संवेदनशील और बाल हितैषी शासन की परिकल्पना को साकार करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए विशेष सघन अभियान संचालित किया जा रहा है। 01 जून से 30 जून तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य ऐसे बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों से बाहर निकालकर सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से जोड़ना है।

“बाल सक्षम नीति-2022” के अंतर्गत संचालित इस अभियान में सड़क पर रहने वाले, भिक्षावृत्ति करने वाले, बाल श्रम में संलग्न तथा कचरा संग्रहण जैसे कार्यों में लगे बच्चों की पहचान कर उनका रेस्क्यू किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, श्रम विभाग, नगरीय निकायों तथा जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से बच्चों तक पहुंचकर उन्हें संरक्षण और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कोई भी बच्चा अभाव, शोषण या उपेक्षा का जीवन जीने के लिए मजबूर न हो, इसके लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों का संरक्षण केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि विकसित और संवेदनशील समाज की आधारशिला है।

राज्य के सभी जिलों में कलेक्टरों के नेतृत्व में गठित विशेष रेस्क्यू दल चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रहे हैं। रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी परिस्थितियों के अनुसार संस्थागत देखभाल, पारिवारिक पुनर्स्थापन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, परामर्श तथा अन्य पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही उनके परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं आजीविका आधारित शासकीय योजनाओं से जोड़कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक माह का अभियान नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल स्वराज पोर्टल पर बच्चों की जानकारी नियमित रूप से अद्यतन की जा रही है तथा पुनर्वास की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा रही है।

यह अभियान उन बच्चों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर रहा है, जो अब तक सड़क जैसी कठिन परिस्थितियों में अपना बचपन बिताने को मजबूर थे। राज्य सरकार के प्रयासों से ऐसे बच्चे अब शिक्षा, सुरक्षा, संरक्षण और सम्मानजनक भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

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