प्रदेश के पहले भोरमदेव शक्कर कारखाना प्रबंधन 22 साल बाद बड़े स्तर पर खुद से गन्ने की खेती करने वाला है। इसे लेकर कारखाना प्रबंधन ने सरकार से 19 एकड़ सरकारी भूमि की डिमांड की है। दरअसल, कारखाना प्रबंधन गन्ना बीज उत्पादन के लिए नर्सरी तैयार करने वाला है। इस नर्सरी में ज्यादा रिकवरी वाले गन्ने लगाए जाएंगे। इसके बाद इसे किसानों को दिया जाएगा। इससे किसानों व कारखाना को फायदा होगी। गन्ना बीज उत्पादन के लिए कारखाना प्रबंधन ने बोड़ला राजस्व एसडीएम से ग्राम परसहा स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 107/1 के रकबा 3.502 हेक्टेयर व खसरा नंबर 101 के रकबा 4.216 हेक्टेयर भूमि को आवंटित किए जाने की मांग की है। ये करीब 19 एकड़ भूमि है। इस पर राजस्व विभाग ने प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। किसानों की घट रही संख्या: इस कारखाना में गन्ना बेचने के लिए किसानों की संख्या भी घट रहीं है। वर्ष 2023-24 के सीजन में गन्ना किसानों की संख्या 12 हजार 52, गन्ना उत्पादक गांव की संख्या 285 व यहां पेराई कार्य दिवस 174 था। जो वर्ष 2024-25सीजन में गन्ना किसानों की संख्या 11 हजार 726, गन्ना उत्पादक गांव की संख्या 255 व यहां पेराई कार्य दिवस 108 में सिमट गई। कारखाने के पास जमीन की कमी, जो थी उसे एथेनाल प्लांट को दे दिया भोरमदेव शक्कर कारखाना में खुद की भूमि की कमी है। कारखाना के पास जो भूमि था, उसे चार साल पहले एथेनॉल प्लांट को दिया गया है, जा आज भी संचालित है। गन्ना नर्सरी के लिए महज 2 एकड़ भूमि कारखाना के पास बचा है। इसी में ही नए किस्म के गन्ना बीज को लगाया जाता है। वर्तमान समय में यहां 13002 व 13374 नामक गन्ना किस्म को लगाया गया है। भूमि कम होने के कारण बड़े स्तर पर नए किस्म के बीज का उत्पादन नहीं हो रहा है। इसे देखते हुए आने वाले समय में 19 एकड़ में नए किस्म की बीज लगाकर किसानों को दिए जाने की प्लानिंग है। अभी 085 किस्म के गन्ने बेचते हैं किसान कारखाने के गन्ना विकास अधिकारी केके यादव ने बताया ने बताया कि वर्तमान समय में 085 किस्म के गन्ने किसान बेचते हैं। इस गन्ने का प्रचलन बीते 6 से 8 साल से जारी है। लगातार इसी किस्म के गत्रा की खेती होने से इसका रिकवरी कम होती जा रही है। इससे किसानों व कारखाना को नुकसान होता है। वर्तमान में इस किस्म के गन्ना की रिकवरी 12 प्रतिशत जा रहा है। भास्कर एक्सपर्ट डॉ. बीपी त्रिपाठी, (वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक कवर्धा) प्रदेश में सबसे ज्यादा गन्ना की खेती कबीरधाम जिले में होती है। किसानों को गन्ना के बीज व उसके उत्पादन के प्रति जागरूक किया जाना जरूरी है। बीते 5 साल से यहां के अधिकांश किसान 085 किस्म के गन्ना की खेती करते आ रहे है। शुरूआती दिनों में इसका उत्पादन व रिकवरी ठीक रहा है। लेकिन, समय के साथ इसका ग्रोथ कमजोर होने लगा है। अब समय आ गया है कि बेहतर किस्म के गन्ना की उत्पादन किया जाएगा। ऐसे कई प्रकार के गन्ना है, जो आज के समय में प्रति एकड़ 500 क्विंटल से ज्यादा का उत्पादन व 14 प्रतिशत से ज्यादा की रिकवरी देते है। ऐसे किस्म को प्रमोट करना चाहिए।

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