पुराने मामलों, जुर्माने और ब्याज से राहत मिलेगी, लेकिन कर्मचारियों का बकाया PF जमा करना होगा अनिवार्य।
नई दिल्ली: निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) फंड को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एमनेस्टी स्कीम (माफी योजना) 2026 शुरू की है। इस योजना के तहत मान्यता प्राप्त लेकिन नियमानुसार छूट (Exemption) न लेने वाले निजी PF ट्रस्टों को अपने रिकॉर्ड नियमित करने का मौका दिया जाएगा।
योजना के तहत अगले 6 महीने तक आवेदन करने वाले पात्र PF ट्रस्टों को पुराने लंबित मामलों, वित्तीय दंड और अन्य कार्रवाई से राहत मिलेगी।
क्या है EPFO की माफी योजना?
यह योजना उन संस्थानों पर लागू होगी जो आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं, लेकिन EPF & MP Act, 1952 की धारा 17 के तहत केंद्र या राज्य सरकार से औपचारिक छूट नहीं ली है।
किन संस्थानों को मिलेगा लाभ?
- मान्यता प्राप्त निजी PF ट्रस्ट
- नॉन-एग्जेम्प्टेड (Non-Exempted) संस्थान जिन्होंने नियमों का पालन शुरू कर दिया है
- वे संस्थान जो अपने PF ट्रस्ट को पिछली तारीख (Retrospective) से नियमित कराना चाहते हैं
योजना के प्रमुख फायदे
- पुराने लंबित मामलों से राहत
- वित्तीय दंड और ब्याज संबंधी कार्रवाई से छूट
- पिछली तारीख से PF ट्रस्ट को नियमित कराने का अवसर
- सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत कुछ पात्रता शर्तों में छूट
- तीन वर्ष की अनुपालन (Compliance) अवधि को पूरा माना जाएगा
ध्यान रखें
इस योजना के तहत कर्मचारियों के बकाया PF में कोई छूट नहीं मिलेगी। माफी योजना का लाभ लेने के लिए संस्थानों को कर्मचारियों का पूरा बकाया PF और नियमानुसार ब्याज जमा कराना अनिवार्य होगा।
क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण?
EPFO का उद्देश्य निजी PF ट्रस्टों को नियामकीय ढांचे में लाकर कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड को अधिक सुरक्षित बनाना है। इससे भविष्य निधि प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।