पुराने ATM की जगह लगेंगी स्मार्ट मशीनें, अब ATM बनेंगे 24×7 मिनी बैंक
नई दिल्ली। देश के सरकारी बैंकों (PSU Banks) ने बैंकिंग सेवाओं को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बैंकों की योजना के तहत देशभर में करीब 15,000 पुराने ATM को अपग्रेड किया जाएगा। इनकी जगह नई तकनीक से लैस स्मार्ट ATM और कैश रीसाइक्लर मशीनें (CRM) लगाई जाएंगी।
इस अपग्रेड का उद्देश्य केवल कैश निकालने की सुविधा देना नहीं, बल्कि ATM को 24×7 मिनी बैंक के रूप में विकसित करना है, जहां ग्राहक कई तरह की बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
अपग्रेड के बाद ATM में मिलेंगी ये सुविधाएं
- UPI के जरिए कार्डलेस कैश निकासी
- कैश जमा और निकासी की सुविधा (Cash Recycler Machine)
- बेहतर सुरक्षा फीचर्स, जिससे धोखाधड़ी का खतरा कम होगा।
- तेज ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग, जिससे कम समय में काम पूरा होगा।
- मल्टी-सर्विस ATM, जहां बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट, फंड ट्रांसफर जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
- ग्रामीण और छोटे शहरों के ग्राहक, जहां बैंक शाखाएं कम हैं।
- सरकारी बैंकों के करोड़ों खाताधारक।
- छोटे व्यापारी और नियमित कैश उपयोगकर्ता।
- वे लोग जो डिजिटल बैंकिंग की बजाय ATM सेवाओं का अधिक उपयोग करते हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकारी बैंकों के कई ATM पुराने और धीमे हो चुके हैं। वहीं, डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद देश में नकदी की मांग अभी भी बनी हुई है। ऐसे में बैंक कैश रीसाइक्लर मॉडल अपनाकर लागत कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने की तैयारी कर रहे हैं।
क्या आपके लिए बदलेगा?
इस बदलाव के बाद छोटी-छोटी बैंकिंग सेवाओं के लिए बैंक शाखा जाने की जरूरत कम होगी। ग्राहक ATM से ही कैश जमा, निकासी, फंड ट्रांसफर, बैलेंस चेक और अन्य कई सेवाओं का लाभ 24 घंटे प्राप्त कर सकेंगे।
ध्यान दें: यह योजना पुराने ATM को आधुनिक मशीनों से बदलने की है। इसका मतलब यह नहीं है कि 15,000 ATM बंद किए जा रहे हैं, बल्कि उन्हें नई तकनीक के साथ अपग्रेड किया जाएगा।