छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में सोमवार को महिला प्रताड़ना से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई हुई। इस दौरान एक युवती ने बताया कि उसके साथ धोखा हुआ है। उसके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। ससुराल वालों ने यह जानते हुए भी उसकी शादी युवती से करवा दी। यही नहीं बीते 7 साल से युवती के पिता ने दामाद का पालन-पोषण किया। उसका इलाज भी करवाया। अब तक एक बार भी युवक के घरवालों ने उसके इलाज व पालन पोषण के लिए एक रुपए भी खर्च नहीं किया। सुनवाई के बाद आयोग ने युवती के पति के इलाज के लिए मानसिक रोगी अस्पताल, सेंद्री, बिलासपुर भेजने की अनुशंसा की है। साथ ही युवती के ससुराल वालों को युवती के 6 माह के भरण पोषण के लिए 12 हजार रुपए देने कहा गया है। प्रकरण का निर्णय 6 माह बाद होगा। बेटी हुई तो प्रताड़ित करते थे
एक अन्य प्रकरण में महिला ने बताया कि उसकी दो बेटियां हैं। दूसरी होने के बाद से उसके ससुराल वालों का व्यवहार महिला के प्रति बदल गया। उसके पति की दूसरी शादी करने के लिए महिला की सास ने महिला को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। जबरदस्ती उसे मानसिक रोग की दवा खाने मजबूर करने लगी। विरोध करने पर महिला को घर से निकाल दिया। दोनों बेटियों को भी छीन लिया। आयोग ने महिला को ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर कराने कहा है।