EPFO Alert: कब निकाल सकते हैं पूरा PF और कब मिलेगा सिर्फ 75%? जानिए क्या कहते हैं नियम

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों को लेकर अक्सर नौकरीपेशा लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या वे कभी भी अपने PF खाते की पूरी राशि निकाल सकते हैं। इसका जवाब ‘नहीं’ है। EPFO के नियमों के अनुसार, नौकरी के दौरान 100% PF निकालने की अनुमति नहीं होती। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में पूरी राशि निकाली जा सकती है।

कब निकाल सकते हैं 100% PF?

EPFO के मौजूदा नियमों के मुताबिक कर्मचारी निम्न परिस्थितियों में अपने PF खाते की पूरी राशि निकाल सकते हैं:

  • 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर रिटायरमेंट के बाद।
  • नौकरी छोड़ने के बाद लंबे समय तक बेरोजगार रहने पर।

बेरोजगारी में कितना PF निकाल सकते हैं?

EPFO के नियमों के अनुसार:

  • नौकरी छूटने के 1 महीने बाद कर्मचारी अपने PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकता है।
  • 2 महीने या उससे अधिक समय तक बेरोजगार रहने पर बची हुई 25% राशि भी निकाली जा सकती है।

यह सुविधा कर्मचारियों को बेरोजगारी के दौरान आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से दी गई है।

नौकरी बदलने पर PF निकालना सही नहीं

यदि आपने नई नौकरी जॉइन कर ली है, तो EPFO सलाह देता है कि PF निकालने के बजाय उसे UAN (Universal Account Number) के जरिए नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर करें।

इससे:

  • PF पर ब्याज मिलता रहता है।
  • सेवा अवधि लगातार जुड़ी रहती है।
  • रिटायरमेंट के समय बड़ा फंड तैयार होता है।
  • बार-बार निकासी से होने वाले संभावित टैक्स से बचा जा सकता है।

नौकरी के दौरान भी निकाल सकते हैं PF

हालांकि पूरी राशि निकालने की अनुमति नहीं है, लेकिन EPFO कुछ जरूरी जरूरतों के लिए आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की सुविधा देता है। इसमें शामिल हैं:

  • उच्च शिक्षा
  • शादी
  • घर खरीदना या बनवाना
  • होम लोन चुकाना
  • गंभीर बीमारी का इलाज

हर उद्देश्य के लिए निकासी की अलग-अलग पात्रता और सीमा तय की गई है।

विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि EPF केवल बचत नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के लिए दीर्घकालिक निवेश है। इसलिए यदि पैसों की तत्काल जरूरत न हो, तो PF की पूरी राशि निकालने के बजाय उसे खाते में ही रहने देना बेहतर होता है। इससे भविष्य में बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होता है और आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत रहती है.