छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग के अंतर्गत कार्यरत छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बचाने और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया गया है। जिला स्तरीय वैद्य सम्मेलन के विशेष अवसर पर कांकेर के माकड़ी जैव विविधता पार्क में एक भव्य औषधीय वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अजय शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे. ए. सी. एस. राव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन सभी पदाधिकारियों ने पार्क में औषधीय पौधों का रोपण कर इस अभियान की शुरुआत की। बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने उपस्थित सभी लोगों को हमारे पारंपरिक ज्ञान और औषधीय पौधों को सहेजने व उनकी सुरक्षा करने का संकल्प दिलाया। उपाध्यक्ष औषधि पादप बोर्ड श्री अजय शुक्ला ने कहा कि ​यह आयोजन वन और जन के बीच की दूरी को कम करने वाला है। यह हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा।

​लगाए गए स्वास्थ्य के लिए जीवनदायी पौधे

​        पार्क की जैव-विविधता और औषधीय संपदा को समृद्ध करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पौधे रोपे गए। इनमें मुख्य रूप से त्रिफला के घटकों के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी निम्नलिखित प्रजातियां शामिल हैं जिसमें ​आँवला, विटामिन-सी से भरपूर और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने में मददगार। ​जामुन मधुमेह (डायबिटीज) को नियंत्रित करने और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए उपयोगी। ​अर्जुन की छाल को हृदय रोगों के उपचार के लिए अचूक औषधि माना जाता है। ​हर्रा पाचन तंत्र को सुधारने और पेट के विकारों को दूर करने में सहायक। ​बहेड़ा श्वसन तंत्र की मजबूती और कफ से जुड़े रोगों के निवारण के लिए फायदेमंद। ​नीम प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक और रक्त को शुद्ध करने वाला गुणकारी पौधा है।

​पारंपरिक ज्ञान को सहेजने का संकल्प

​इस सफल कार्यक्रम में कांकेर जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों से आए पारंपरिक वैद्यों, वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान कांकेर के वनमंडलाधिकारी श्री रौनक गोयल, उप वनमंडलाधिकारी कांकेर, उप वनमंडलाधिकारी कोरर सहित वन विभाग का पूरा अमला उपस्थित रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *